06 Nov 2020

yog for fitness

 फिट रहने के लिए योग एक सरल और आसन उपाय है। 

यह हमेशा याद रखें कि योग का अभ्यास करने के लिए कोई विशेष उम्र की आवश्यकता नहीं होती है। योग में आसन से लेकर प्राणायाम तक सब शामिल हैं। जबकि आसन में शरीर की गति शामिल होती है और प्राणायाम मुख्य रूप से शांत होते हैं जिससे मन को विश्राम मिलता है। नियमित रूप से युवा और बुजुर्ग लोगों द्वारा योग का अभ्यास करने से शारीरिक स्थिति में सुधार होगा साथ ही आप आसानी से परिस्थिति को संभालने के लिए अपनी मानसिक प्रणाली को शिथिल रख पाएंगे।

                                                                                                                                                                         योग आसन न केवल आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है बल्कि तनाव और चिंता से दूर रखकर आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। नीचे कुछ योग को करने की विधि दी जा रही है जो आपको फिट रखने में बहुत ही लाभदायक हैं। तो आप रोज सुबह उठकर इन योगासनों को करें और अपने शरीर को रखें फिट और तंदुरुस्‍त रखें ।

                                                                                                                                                                         फिट रहने के लिए उत्तानासन योग एक बहुत ही अच्छा माध्यम है। यह आसन आपको मानसिक तनाव और चिंता से छुटकारा दिलाता है, मस्तिष्क को शांत करता है और हल्के अवसाद से पीड़ित रोगियों को भी ठीक करता है। उत्तानासन करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें और अपने दोनों हाथों को ऊपर सीधा कर लें। अब धीरे-धीरे सामने को ओर कमर से नीचे झुकते जाएं और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजों को छूने की कोशिश करें। इस आसन में आप 60 से 90 सेकंड के लिए रहें फिर आसन से बाहर आयें।

                                                                                                                                                                         बद्ध कोणासन अपनी जांघों और नितंबों को आकार देने के लिए एक अच्छा योग है। फिट बॉडी के लिए इस योग के नियमित अभ्यास अपनी मिनी ड्रेस में पतली जांघों को दिखने के लिए तैयार करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को साफ जगह में बिछा के दोनों पैरों को सीधा करके बैठ जाएं। इसके बाद दोनों पैर को अपनी ओर मोड़ लें और दोनों पैरों के पंजों से पंजे मिलाएं। अब दोनों हाथों से घुटनों को धीरे-धीरे दबाएँ जिससे दोनों घुटने फर्श पर रख जाएं। इस मुद्रा को आप 2 से 3 मिनिट के लिए करें। ध्यान रखें की अगर आपके घुटने जमीन पर नहीं आ रहे हैं तो इसे जबरजस्ती करने का प्रयास ना करें।

                                                                                                                                                                        धनुरासन पेट की मांसपेशियो को खींचता हैं जो इस क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और पाचन संबंधी विकारों और समस्याओं को दूर करता है। यह आसन पीठ की मांशपेशियों को भी मजबूत करता हैं। इस आसन में आपकी स्थिति ऊपर उठे हुए धनुष के सामान दिखाई देती हैं। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को शरीर के समान्तर रखें और पैरों को पीछे की ओर मोड़ लें। अब अपने हाथों को पीछे ले जाएं और दोनों पैरों को दोनों हाथों से पकड़ लें। इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अंत में दोनों हाथों को खोल के अपनी प्रारंभिक स्थिति में आयें।

                                                                                                                                                                        

पश्चिमोत्तानासन योग आपके तंत्रिका तंत्र को पुनर्जीवित करने, रक्त की आपूर्ति को बढ़ावा देने और आपके दिमाग को शांत करने में मदद करता है। पश्चिमोत्तानासन करने के लिए आप किसी साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा के सीधे कर लें। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुके और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजे पकड़ लें। अपने सिर को घुटनों पर रख दें। इस आसन को 20 से 60 सेकंड के लिए करें।

                                                                                                                                                                         सुखासन सबसे सरल आसनों में से एक है। यह क्रॉस-लेग्ड बैठने के साथ शुरू होता है। यह आसन आपके मन में नकारात्मक विचारों को आने से रोकता है जो किसी भी चीज को याद रखने में आपके दिमाग की मदद करता हैं। स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए के लिए सुखासन बहुत ही लाभकारी आसन है। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट को जमीन पर बिछा के बैठ जाएं, अपने पैरों को घुटने के यहाँ से मोड़ लें, इसमें एक पैर बाहर की ओर तथा दूसरा पैर अन्दर के ओर रहता हैं। अपने रीढ़ के हड्डी को सीधा रखें और दोनों हाथों को सीधा करके अपने घुटनों पर रखें, अब आँखों को बंद करके ध्यान करें। इस आसन में आप अपनी इच्छा के अनुसार रह सकते हैं।


वृक्षासन योग आपका परीक्षण करने लिए होता हैं कि आप कितनी देर तक अपने संतुलन बना के रख सकते हैं। यह आसन आपके पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता हैं। यह एक पेड़ के समान दिखने वाली स्थिति होती हैं। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं, अब अपने दाएं पैर को उठा के बाएं पैर की जांघ पर रखें। अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठायें और ऊपर ही जोड़ लें। इस स्थति में आप अपनी क्षमता के अनुसार खड़े रहने का प्रयास कर